निवेशक शिक्षा एवं सुरक्षा निधि
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"निवेशक हित सर्वोपरि"


श्री सलमान खुर्शीद
केन्द्रीय मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार)
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आईईपीएफ के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वित्तीय मंजूरी के लिए कौन आवेदन कर सकता है ?
आईईपीएफ के तहत वित्तीय सहायता के लिए कसौटी/मार्गनिर्देशों को पूरा करने वाला कोई भी संगठन/संघ/संस्था आवेदन कर सकती है।

आवेदन कैसे करें ?
संगठनों को फार्म 3 और फार्म 4 में अपने आवेदन जमा कराने की ज़रूरत है।

आईपीएफ क्या है ?
निवेशक शिक्षा और सुरक्षा फंड (आईपीएफ)निवेशक जागरूकता और निवेशकों के हितों की सुरक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए कम्पनी (संशोधन) कानून, 1999 के जरिए कम्पनी कानून, 1956 की धारा 205 सी के तहत स्थापित किया गया है।

आईपीएफ के जरिए क्या गतिविधियां चलाई जा रही हैं ?
निवेशक शिक्षा और सुरक्षा फंड (जागरूकता और निवेशकों की सुरक्षा) नियम, 2001 निवेशकों की शिक्षा, जागरूकता और सुरक्षा के लिए संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा देता है। इनके लिए वित्तीय मंजूरी आईपीएफ के तहत उपलब्ध कराई जा सकती हैं। 
 

(i) नियमों के तहत की जाने वाली गतिविधियां

 •   मीडिया के जरिए शिक्षा कार्यक्रम
 •   सेमिनार और संगोष्ठियां आयोजित करना
•  

निवेशक शिक्षा और सुरक्षा गतिविधियों में संलग्न स्वै޵च्छिक संघों या संस्थाओं अथवा अन्य संगठनों के पंजीकरण के लिए प्रस्ताव

 •  

निवेशक शिक्षा और सुरक्षा के लिए परियोजनाओं के प्रस्ताव तथा अनुसंधान गतिविधियों सहित ऐसी परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता के प्रस्ताव

 •   निवेशक शिक्षा, जागरूकता और सुरक्षा गतिविधियों में संलग्न संस्थाओं के साथ समन्वय

 
(ii) इस तिथि तक आईपीएफ के जरिए चलाई गई गतिविधियां

 •  

आईपीएफ के तहत स्वै޵च्छिक संघों या पंजीकृत संगठनों के जरिए निवेशकों की शिक्षा और जागरूकता – अब तक 100 संघों का पंजीकरण कराया जा चुका है।

 •  

दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई और अहमदाबाद दूरदर्शन पर पैनल चर्चा आयोजित करके, डीडी और निजी चैनलों पर टीवी वीडियो स्पॉट के प्रसारण, राष्ट्रीय के साथ–साथ क्षेत्रीय समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कराने के माध्यम से निवेशकों को शिक्षित करना। यह सभी कार्यक्रम हिन्दी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में चलाए गए हैं।

 •   आईपीएफ के तहत पंजीकृत संघों के जरिए सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित करना
 •   निवेशक शिक्षा, जागरूकता संबंधी अनुसंधान परियोजनाओं को वित्तीय मदद देना
 •  
    

निवेशक शिक्षा, जागरूकता में संलग्न संस्थाओं के साथ समन्वय करना – भारतीय पूंजी बाज़ार संस्थान (आईआईसीएम) को बिना दावे वाले लाभांश, ब्याज इत्यादि पर अनुसंधान/अध्ययन कराने के लिए संबद्ध किया गया है तथा यह प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराने से भी संबद्ध है।

पंजीकरण की क्या प्रक्रिया है ?
निवेशक जागरूकता,शिक्षा और सुरक्षा तथा निवेशक कार्यक्रमों के लिए प्रस्ताव करने, सेमिनार, संगोष्ठी आयोजित करने और अनुसंधान गतिविधियों सहित निवेशक सुरक्षा के लिए परियोजनाएं चलाने से संबंधित गतिविधियो में संलग्न कोई संघ या संस्था या संगठन अपने आप को निवेशक शिक्षा और सुरक्षा फंड के तहत पंजीकृत करा सकता है। निवेशक शिक्षा और सुरक्षा फंड से वित्तीय सहायता के उद्देश्य के लिए कसौटी/मार्गनिर्देश पूरे करने वाले एनजीओ/स्वै޵च्छिक एजेंसी ऐसी सहायता के लिए फार्म 3 और फार्म 4 में आईईपीएफ के यहां आवेदन कर सकते हैं।
 
आईईपीएफ में क्रेडिट के लिए क्या प्रक्रिया है ?
(i)  

कम्पनी को फंड में कानून के अनुसार क्रेडिट किए जाने के लिए ज़रूरी कोई राशि फंड में क्रेडिट किए जाने के लिए देय होने वाली ऐसी राशि के 30 दिन के भीतर पंजाब नेशनल बैंक की निर्धारित संबंधित शाखाओं में प्रेषित की जाएगी।
 

(ii)   क. 

राशि चालान (तीन प्रतियों में) के साथ पंजाब नेशनल बैंक की अधिकृत शाखाओं में केंद्र सरकार की तरफ से कंपनी के जरिए प्रस्तुत की जाएगी तथा बैंक राशि प्राप्त करने के प्रमाण के रूप में कम्पनी को विधिवत मुहर लगी दो प्रतियां वापस करेगा। 
 

  ख. 

प्रत्येक कम्पनी 1. फंड में राशि जमा कराने के प्रमाण के रूप में संबंधित चालान की एक प्रति कम्पनी के संबंधित पंजीयक के पास फाइल करेगी। कम्पनी पूर्ण विवरण ओर प्रेषित की गई राशि की प्रकृति तथा उसका लेखा शीर्ष भरेगी।
 

  ग. 

फंड के खाते में क्रेडिट प्रभावी होते ही, प्रत्येक कम्पनी चाट‍र्र्ड एकाउंटेट या कम्पनी सचिव अथवा भारत में प्रैक्टिस करने वाले कोस्ट एकाउंटेंट के जरिए अथवा कम्पनी के वैधानिक आडिटर्स के जरिए विधिवत रूप से प्रमाणित फार्म 1 में विवरण अलग से संबंधित कम्पनी पंजीयक के यहां जमा कराएगा। हालां޵कि, यह आवश्यक है कि प्रत्येक कम्पनी तीन वर्ष की अवधि के लिए, संबंधित व्यक्ति जिसे अदेय राशि या दावा रहित लाभांश, आवेदित धन, परिपक्व जमा या ऋणपत्र, उपगत ब्याज या भुगतान योग्य राशि संबंधित फोलियो नंबर, प्रमाणपत्र नंबर इत्यादि का रिकार्ड रखेगी तथा समिति या उपसमिति के पास उस अवाधि में ऐसे रिकार्ड का निरीक्षण करने की शक्तियां होंगी।

 
आईईपीएफ में कौन सी राशि क्रेडिट की जाती है ?
भुगतान के लिए देय होने की तिथि से सात साल की अवधि के लिए अदेय और दावा रहित निम्नलिखित राशि फंड में क्रेडिट की जाती हैं:
(i)  

कम्पनियों के अदेय लाभांश खातों में राशि

(ii)  

किन्हीं प्रतिभूतियों के आवंटन और वापसी के देय कम्पनियों से प्राप्त आवेदन धन

(iii)  

कम्पनियों के पास परिपक्व जमा

(iv)  

कम्पनियों के पास परिपक्व ऋणपत्र

(v)  

अनुच्छेद 1 से 4 में संदर्भित राशि पर दी जाने वाली ब्याज

(vi)  

फंड के उद्देश्यों के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, कम्पनियों या अन्य संस्थाओं के जरिए फंड में दिया गया अनुदान और दान, तथा

(vii)  

फंड से बाहर किए गए निवेश से प्राप्त ब्याज अथवा अन्य आय।

 
आईईपीएफ से वित्तीय सहायता लेने की क्या कसौटियां हैं ?
निवेशक शिक्षा और सुरक्षा फंड से वित्तीय सहायता लेने के लिए कसौटी/ मार्गनिर्देश निम्नलिखित हैं:
(i)  

कोई संगठन/ निकाय जिसके पास निवेशक शिक्षा और सुरक्षा पर वहनीय परियोजना प्रस्ताव हो, उसे फंड से सहायता लेने के लिए योग्य होना चाहिए।

(ii)  

ण्प्रत्येक व्यक्ति/संगठन के लिए फंड से सहायता लेने की सीमा उस वित्त वर्ष के दौरान आईईपीएफ के बजट के 5% तक होनी चाहिए तथा प्रस्तावित कार्यक्रम/गतिविधि पर खर्च की जाने वाली राशि के 80 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।

(iii)  

निवेशक जागरूकता, शिक्षा और सुरक्षा संबंधी गतिविधियों में पहले ही संलग्न तथा निवेशक कार्यक्रम चलाने, सेमिनार, संगोिष्ठयां ओजित करने का प्रस्ताव करने वाले संघ या संस्थाएं या संगठन अनुसंधान गतिविधियों सहित निवेशक सुरक्षा के लिए परियोजना चलाएंगे।

(iv)  

संघ या संस्थाएं या संगठन सोसायटी पंजीकरण कानून के तहत पंजीकृत होंगे अथवा ट्रस्ट या निगमित कम्पनियों के रूप में बनी होंगी।

(v)  

आईईपीएफ समिति की ओर से इस संबंध में किए गए विशिष्ट अपवाद को छोड़कर, संघ, या संस्था अथवा संगठन का अस्तित्व पंजीकरण के लिए आवेदन की तिथि से कम से कम 2 वर्ष पहले हो गया हो।

(vi)   संघ, या संस्था अथवा संगठन में न्यूनतम 20 सदस्य होंगे तथा 2 वर्ष का प्रामा޵णिक रिकार्ड होगा।
(vii)  

संघ या संस्था अथवा संगठन में शासन और संघ या संस्था अथवा संगठन के प्रबंधन के लिए नियम, विनियम और या उपनियम होंगे। ये नियम, विनियम और या उपनियम पंजीकरण की दशाओं के अनुरूप होंगे। संघ या संस्था अथवा संगठन का प्रबंधन शासकीय बोर्ड/प्रबंधन समिति के जरिए होगा।

(viii)  

लाभ कमाने वाले संघ या संस्था अथवा संगठन फंड से वित्तीय सहायता के उद्देश्य के लिए पंजीकरण कराने के योग्य नहीं होंगे।

(ix)   हालांकि, आईईपीएफ पर बनी समिति किसी संगठन को परियोजना दे सकती है।
(x)  

समुचित इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए फंड से दी गई अनुदान सहायता की राशि कम्पनी मामलों के विभाग के जरिए आडिट का विषय होगी।

(xi)  

प्रस्तावों पर विचार करते समय समिति फंड से सहायता लेने के इच्छुक संगठन की पिछले तीन साल के लेखित खातों और वार्षिक रिपोर्ट पर विचार करेगी।


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