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श्री सलमान खुर्शीद
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पूंजी बाजार की भूमिका

अर्थव्यवस्था की विकास दर बनाये रखने और उसे बढ़ावा देने में पूंजी बाजार अहम भूमिका निभाता है। यह उद्योगों के लिए धन जुटाने का एक महत्वपूर्ण ज޵रिया और किसी देश की अर्थव्यवस्था में निवेश का एक कारगर स्रोत होता है। यह देश की दीर्घकालीन विकास सम्भावनाओं को प्रोत्साहित करने के दृष्टिकोण से उत्पादक सम्पतियों में निवेश के लिए बचत को बढ़ावा देता है। इस तरह पूंजी बाजार अर्थव्यवस्था को बदलने में एक उत्प्रेरक का कार्य भी करता है। यह किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को विश्व स्तर पर और अधिक प्रभावी, अभिनव और प्रतिस्पर्धी बाजार के रूप में बदल देता है।

पूंजी बाजार संसाधनों के वितरण के साथ–साथ, अर्थव्यवस्था में जोखिम को विभाजित करने की अनुमति देकर जोखिम प्रबन्धन के लिए भी एक माध्यम उपलब्ध कराता है। किसी भी सही तरीके से संचा޵लित और व्यव޵स्थित पूंजी बाजार से प्राप्त सूचनाओं की गुणवत्ता बेहद अच्छी होती है, क्योंकि यह दृढ़ कॉरपोरेट शासन सिद्धान्तों के पालन पर बल देता है। इस तरह यह एक ऐसे व्यापारिक वातावरण का समर्थन करता है, जिसकी स्थापना सिद्धान्तों पर ही होती है।

पहले भी पूंजी बाजार ने प्रौद्योगिकीय प्रगति और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही इससे तरल बाजार से भी दीर्घकालीन वित्तपोषण अवधियों वाली सघन पूंजी परियोजनाओं के लिए वित्त प्राप्त करना संभव हुआ है। पूंजी बाजार की यह भूमिका निश्चित तौर पर 18वीं सदी के दौरान आई औद्योगिक क्रान्ति के दौरान सत्य साबित हुई और हमारी तथाकथित नव–अर्थव्यवस्था के दौर में भी जारी रही।

हमारे देश में गहन एवं वृहत्त पूंजी बाजार अस्तित्व में है। यह देश के विकास को निरन्तर बढ़ावा दे रहा है। भारत के सामने अपने पूंजी बाजार को और अधिक विकसित करने की जरूरत है। ता޵कि कम्पनियों के लिए वैकिल्पक वित्त स्रोत उपलब्ध हो सकें। इसके लिए निवेशकों की बचतों को प्रभावी ढंग से प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। पूंजी बाजार बाहरी वित्त के लिए भी एक बहुमूल्य स्रोत के रूप में कार्य करता है।

लम्बे समय से भारतीय पूंजी बाजार को छोटा बाजार समझा जाता रहा है। इसलिए इस पर किसी ने ध्यान देना जरूरी नहीं समझा। पर ޵पिछले दशक से भारतीय शेयर बाजारों में भारी अन्तर्राष्ट्रीय निवेश होने से भारतीय बाजार के बारे में बनी पुरानी अवधारणा तेजी से बदली है। भारतीय बाजार को अब स्थिर नहीं माना जा रहा है, इसे अब असीम अवसरों और संभावनाओं से भरे विश्व निवेश समुदाय के रूप में देखा जा रहा है।

 


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