आईपीओ/एफपीओ/अधिकार संबंधी मामले
गौण बाजार
व्युत्पन्न यानि डिराइवेटिव्ज
ब्रोकर तथा उपब्रोकर से बातचीत
पारस्परिक कोष
प्रतिभूतियों की पुन: बिक्री
खुले प्रस्ताव (सुपुर्दगी के नियम के तहत)
एकत्रित निवेश योजनांए
|
आईपीओ/एफपीओ/अधिकार
संबंधी मामले
क्या करें |
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पाठ्यक्रम/संक्षिप्त
पाठ्यक्रम तथा
उस पर विशेष ध्यान
दें |
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खतरे का कारकों
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चल रहे कानूनी
मामले तथा गलतियों,
अगर कोई हैं |
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जारी करने वाले
कोषाध्यक्ष |
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विरोध किए जा सकने
वाले मामले |
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समूह का इतिहास |
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प्रोत्साहित करने
वालों का पाश्र्वस्थिति |
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आवेदन करने के
लिए दिए गए निर्देश |
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अगर कोई उलझन/परेशानी
हो पत्र में दिए
गए नाम के शिकायत
सुनने वाले अधिकारी
से संपर्क करे |
 |
अगर आपके डीमैट
खाता या प्रार्थनापत्र
के पुनप्र्राप्ति
की साख/ठोस प्रमाण
पत्र अगर दिए गए
अवधि के अंदर
नहीं
मिलते,तो शिकायत
सुनने वाले अधिकारी
तथा जारी होने
के बाद पत्र में
दिए गए अग्र प्रबंधक
से शिकायत करें। |
क्या ना करें |
 |
बाजार के अफवाहों
पर मत जाएं |
 |
जारी करने वाले
या किसी और से कोई
विशेष/ज्यादा का
वादा ना लें |
 |
कभी वर्तमान बाजार
के बुल रन को देखकर
या दूसरे समूहों
के बीजक देखकर
उसी उघोग या जारी
करने वाले समूह/समूह
कपंनियों पर निवेश
ना करें। |
 |
कभी इस पर ना जाएं
कि शेयर जारी करने
वाली कंपनी
का ऊपर
जाना संभावी है। |
|
^ TOP |
गौण बाजार
क्या करें |
 |
केवल सेबी से स्वीकृत
स्टॉकएक्सचेंज
से ही कारोबार
करें। |
 |
सेबी से पंजीकृत
बिचौलियों से काम
करें |
 |
ब्रोकर के साथ
खाता खोलने के
समय सारी
औपचारिकताएं
पूर्णत: पुरा करें
(ग्राहक पंजीकरण,
ग्राहक के साथ
समझौता आदि) |
 |
अपने ग्राहक को
जानें समझौते
के बारे में पूछें
तथा हस्ताक्षर
करें |
 |
किसी भी तरह के
कारोबार से पहले
प्रतिभूतियों
में निवेश के साथ
खाताओं को अच्छी
तरह पढ़ और समझ
लें। |
 |
निवेश पर खतरावापसी
के आधार पर मूल्यांकन
करें साथ ही तरलतर
तथा सुरक्षा के
पहलुओं के बारे
में जाने निवेश
का फैसला लेने
से पहले। |
 |
कारोबार से पहले
ब्रोकर से अपनी
संबंधित प्रश्न
कर लें तथा किसी
भी तरह की उलझन
को सुलझा लें |
 |
सभी तरह के उपलब्ध
सार्वजनिक सूचना
लेने के बाद मजबूत
तर्क तथा समूह
के मौलिकताओं पर
निवेश आधारित होनी
चाहिए। |
 |
अपने ब्रोकर/उपब्रोकर/निक्षेपाधार
प्रतिभागी को साफ
तथा बिल्कुल स्पष्ट
सूचनाएं |
 |
अपने प्रत्येक
कारोबार के बाद
अनुबंध लेख की
मांग करें अगर
कोई शक हो अपने
व्यापार के विवरण
की जांच एक्सचेंज
के वेबसाइट से
जांच करें |
 |
कारोबार तथा धारण
किए हुए कथनांक
को बारीकी से देखें
जो आपको निपेक्षाधार
प्रतिभागी से प्राप्त
होता है। |
 |
सभी निवेश के कागजात
का प्रतिरूप रखें |
 |
डीपी द्वारा सावधानी
से जारी किए गए
समर्पण निर्देशों
के रसीद पुस्तिका
का नियंत्रण |
 |
अगर कारोबार की
आवृति ज्यादा
नहीं
है तो आपके डीमैट
खाते में दिए गए
स्थिर करने की
सुविधा का उपयोग
करें |
 |
आवश्यक दिए गए
समय के अंदर अंश
का भुगतान करें |
 |
शेयर्स /निक्षेपाधार
रसीद अगर बिक्री
तथा पैसे के भुगतान,
दिए गए समय में
खरीद के मामले
में |
 |
व्यक्तिगत या अप्रत्यक्ष
रूप से सामान्य
मुलाकातें करें
तथा वोट तथा प्रतिभागी
बनें। |
क्या ना करें |
 |
प्रतिभूतियों
में कभी बाजार
कारोबार को ना
लेने दें |
 |
अपंजीकृत बिचौलियों
से बातचीत ना करें। |
 |
अप्रत्याशित वापसी
के वादों में ना
फंसें |
 |
किसी के कहने या
अफवाह पर निवेश
मत करें। |
 |
संभावित खतरे का
आकलन करना ना भूलें
जो निवेश के साथ
होते हैं। |
 |
मौलिक रूप से कमजोर
समूहों (पेनी स्टॉक)
में खरीदारी के
लिए व्यापार का
आयतन में कुछ के
तेजी के आधार पर
या मीडिया में
पसंदीदा चीज/कहानी
के आधार से प्रभावित
ना हों |
 |
सुनी
सुनाई बातों
पर ना जाएं |
 |
गर्म नुस्खों से
भ्रमित ना हों |
 |
अपने शक/शिकायत
के लिए किसी तरह
संबंधित अधिकारी
से मिलने में हिचके
नहीं |
 |
अपने डीमैट, खाते
के हस्ताक्षर किए
गए खाली
समर्पण
निर्देश रसीदों
को ना छोड़ें |
 |
खाली
समर्पण निर्देशों
रसीद (डीआईएस) पर
हस्ताक्षर ना करें
तथा उन्हें निपेक्षाधार
प्रतिभागी (डीपी)
या ब्रोकर के पास
छोड़े ताकि जरूरत
के समय परेशानी
से बचे रहें। |
|
^ TOP |
व्युत्पन्न
क्या करें |
 |
एक्सचेंज द्वारा
घोषित की गई सभी
नियमों, अधिनियमों,
उपकानून को देखें |
 |
केवल व्यापारी
सदस्योंे से ही
कारोबार करें जो
सेबी से पंजीकृत
हो या एक्सचेंज
के साथ पंजीकृत
टीएम का प्राधिकृत
व्यक्ति हो। |
 |
प्राधिकृत व्यक्ति
से बातचीत करते
समय ये सुनिश्चित
करें कि सिफर्
प्राधिकृत व्यक्ति
के टीएम द्वारा
अनुबंध लेख जारी
किया गया है |
 |
एक अधिकृत व्यिक्गत
से बातचीत करते
समय केवल ब्रोकरेज/भुगतान/अंश
का भुगतान टीएम
को करें |
 |
ये सुनिश्चित करें
कि आप प्रमाणित
किए हुए समझौता
अनुबंध लेख प्राप्त
कर रहे हैं के साथ
आपका विशिष्ट पहचान
पत्र |
 |
एम अंश के साथ
जमा किए गए समानांतर
जमा की रसीद प्राप्त
करें |
 |
ग्राहकव्यापारी
सदस्य समझौते को
पुरी तरह देखें. |
 |
अपने अधिकार तथा
कर्तव्यों के बारे
में जानें तथा
टीएम/व्यापारी
सदस्य के भी |
 |
बाजार में अपनी
स्थिति से लगे
हुए खतरों से सावधान
रहें |
 |
अपने दैनिक आधार
पर भविष्य की स्थिति
को देखते हुए मार्कटूमार्केट
को एकत्र/भुगतान
करें |
क्या ना करें |
 |
व्युत्पन्न में
व्यापार
शुरु ना
करें जब तक आपको
घोषित पत्र में
दिए गए खतरे समझ
में ना आ
जाएं |
 |
किसी उत्पाद के
साथ लगे खतरे तथा
पुरस्कार को जाने
बिना व्यापार ना
करें। |
|
^ TOP |
ब्रोकर व
उप ब्रोकर के साथ बातचीत
क्या करें |
 |
केवल सेबी से पंजीकृत
ब्रोकर/उपब्रोकर
के साथ ही समझौता
करें |
 |
ये सुनिश्चित करें
कि ब्रोकर/उपब्रोकर
के पास सेबी का
पंजीकृत प्रमाण
पत्र है |
 |
सुनिश्चित करें
कि ब्रोकर/उपब्रोकर
बाजार में व्यापार
करने की अनुमति
है या
नहीं |
 |
उन ब्रोकर/उपब्रोकर
के नाम साफ साफ
लिखे होने चाहिए
जिनके आधार पर
आदेश दिए
जाएंगे |
 |
ब्रोकर/उपब्रोकर
संचालन की
शुरुआत
से पहले ग्राहक
पंजीकरण पत्र पर
हस्ताक्षर जरूर
करवायें |
 |
ब्रोकर/उपब्रोकर
के साथ समझौते
में जाने से पहले
शर्तों तथा स्थितियों
को पूरी तरह साफ
कर लें |
 |
प्रत्येक दिन के
व्यापार की रसीद
अनुबंध लेख या
निश्चित रसीद की
मांग करें
|
 |
हर एक बंदोबस्त
के बाद बिल पर जोर
दें |
 |
सुनिश्चित करें
कि ब्रोकर का नाम,
व्यापार का समय
तथा संख्या, कारोबार
का मूल्य तथा ब्रोकरेज
आदि अनुबंध लेख
में अलग से दिखाए
गए हों |
 |
अवधि के आधार पर
लेखा का कथनांक |
 |
ब्रोकर के नाम
से ही कारो में
चेक/ड्राफ्ट जारी
करें |
 |
सुनिश्चित करें
कि भुगतान करने
के 48 घंटे के अंदर
प्राप्ति का भुगतान/समर्पण
हुआ की
नहीं... |
 |
अगर विवाद है तो
ब्रोकर/उपब्रोकर,
स्टॉक एक्सचेंज
को जिसका वो सदस्य
है तथा सेबी से
तार्किक समय के
अंदर की जाती है। |
 |
उपब्रोकर के विवाद
के मामले में
6 महीने
के अंदर मुख्य
ब्रोकर को सूचित
करें। |
 |
स्टॉक एक्सचेंज
द्वारा जारी नियम,
अधिनियम तथा सूचनाओं
से किसी भी तरह
के व्यापार से
पहले नजदीकियां
बढ़ाएं। |
क्या ना करें |
 |
अपंजीकृत ब्रोकर/उपब्रोकर
से समझौता ना करें |
 |
बिचौलियों को स्वीकृत
ब्रोकरेज से ज्यादा
भुगतान ना करें। |
 |
किसी और के बदले
समझौता ना करेंे |
 |
फोन
पर
पहले
दिए गए
उच्च
मूल्य
के
लिए
लिखित
आदेश
के
बारे
में
बताने
से
परहेज
ना
करें
|
 |
सुरक्षा के लिए
भुगतान की जिम्मेदारी
निभाते समय खाली
समर्पण निर्देश
पर हस्ताक्षर ना
करें |
 |
अहस्ताक्षरित/जाली
अनुबंधन लेख/निश्चित
रसीद को स्वीकार
ना करें। |
 |
अहस्ताक्षरित/जाली
अनुबंधन लेख/निश्चित
रसीद को स्वीकार
ना करें। |
 |
ब्रोकर/उपब्रोकर
को प्रतिभूतियों
का समर्पण या भुगतान
करने में देरी
ना करें |
 |
ललचाने वाले विज्ञापन पर मत जाएं |
 |
बाजार के अफवाहों
पर मत जाएं या आशंका
वाले कारोबार में
ना पड़ें। |
|
^ TOP |
पारस्परिक
कोष
क्या करें |
 |
प्रस्तावित पत्र
को निवेश से पहले
सावधानीपूर्वक
पढ़ें। |
 |
गौर करें कि पारस्परिक
कोष में निवेश
खतरनाक है तथा
हमेशा जरूरी
नहीं
की लाभ ही दे। |
 |
प्रार्थना पत्र
में अपना बैंक
खाता संख्या लिखें |
 |
अपने निवेश के
मकसद तथा खतरा
उठाने के क्षमता
के आधार पर योजना
में निवेश करें |
 |
गौर करें कि एक
योजना का कुल संपत्ति
मूल्य (एनएवी) बाजार
के स्थितियों पर
परिवर्तित होने
वाला विषय है |
 |
प्रस्ताव पत्र/महत्वपूर्ण
सूचना मेमोरेंडम
के प्रतिरूप की
मांग निवेश से
पहले करें तथा
सावधानी से पढ़ें। |
 |
एक योजना या कोष
के पूर्व प्रावधान
उस योजना या कोष
के भविष्य का संकेत
नहीं देता है।
योजना का पूर्व
प्रावधान जरूरी
नहीं कि भविष्य
में जारी रहे। |
 |
जिस योजना में
आपने निवेश किया
है के एनएवी को
बराबर देखते रहें |
 |
ये सुनिश्चित करें
कि आपने ने जो पैसा
निवेश किया है
उसके खाते का कथनांक
आप प्राप्त कर
रहे हैं। |
क्या ना करें |
 |
किसी योजना में
सिफर् इसलिए निवेश
ना करें कि कोई
आपको कोई दस्तुरी
या प्रोत्साहन
आदि दे रहा है। |
 |
किसी योजना/पारस्परिक कोष के नाम
पर ना जाएं |
 |
Dont fall prey to promises of
unrealistic returns. |
 |
निवेश से संबंधित
खतरे को जरूर लें |
 |
अपने शक/शिकायतों
को दूर करने के
लिए संबंधित प्राधिकरण
से संपर्क करने
में ना हिचकिचाएं। |
 |
भारतीय पारस्परिक
कोष एसोसिएशन से
अपंजीकृत किसी
दलाल/ब्रोकर से
समझौता ना करें। |
|
^ TOP |
प्रतिभूतियों
को वापस खरीदना
क्या करें |
 |
प्रस्तावित वापस
खरीद के लिए इससे
संबधित विशेष प्रस्ताव
को ध्यान पूर्वक
पढ़ लें और फिर
वोट करें। |
 |
वापस खरीद के लिए
प्रस्तावित मूल्य
की बाजार के अपेक्षा
में तुलना करें
पिछले कुछ महिने
के दरम्यान साथ
ही प्रति शेयर
कंपनी के लाभ, बुक
वैल्यू आदि को
परख लें और उसके
बाद ये सुनिश्चित
करें कि प्रस्तावित
मूल्य सही है या
नहीं। |
 |
शेयरों की निविदा
के लिए आवेदन के
नियमों को ध्यानपूर्वक
पढ़ लें। |
 |
यह सुनिश्चित कर
लें कि अपका आवेदन
जमा केन्द्र में
निर्धारित समय
पर पहुंच जाए। |
 |
अगर आपको प्रस्ताव
का पत्र निर्धारित
वक्त के दरम्यान
नहीं मिला हो तो
संबधित मर्चेंट
बैंकर को संपर्क
करें। |
 |
प्रस्ताव पत्र
में सभी जरूरी
जानकारी को स्पष्टता
से लिखें। |
 |
प्रस्ताव पत्र
में मांगे गये
सभी दस्तावेज लगायें। |
 |
प्रस्ताव पत्र
में निर्दिष्टमाध्यम
जैसे कि पोस्ट,
कुरियर, खुद से
जाकर जमा करना
या फिर साधारण
डाक द्वारा ही
आवेदन को भेजें। |
 |
अगर आपको कम्पनी
के तरफ से निर्धारित
समय में निविदा
शेयर संबंधित कोई
भी प्रस्ताव प्राप्त
नहीं हुआ हो तो
अपने मर्चेंट बैंकर
को संपर्क करें। |
 |
अगर कम्पनी के
खिलाफ कोई शिकायत
हो तो प्रस्ताव
पत्र में निर्दिष्ट
अनुपालन अधिकारी
से मिलें। |
 |
अगर आपको लगता
है कि कंपनी लॉ
की अनदेखी की गयी
है तो कंपनी रजिस्ट्रार
से संपर्क करें। |
 |
वापस खरीद के विधि के खिलाफ अगर कोई
शिकायत है तो मर्चेंट
बैंकर से संपर्क
करें। |
क्या न करें |
 |
एक से ज्यादा अवेदन
न डालें। |
 |
आवेदन को स्पष्ट
रूप से भरना ना
भूलें। |
 |
आवेदन पत्र में
गलती ना करें। |
 |
आवेदन पत्र में
कोई भी कट या क्रास
न लगाएं। |
 |
गलत पते पर आवेदन
को ना भेजें। |
 |
प्रस्तावित तारीख
के बाद आवेदन पत्र
नहीं भेजें। |
 |
आवेदन पत्र में
पूरी जानकारी देना
न भूलें। |
 |
आवेदन पत्र में
हस्ताक्षर करना
न भूलें। |
 |
आवेदन पत्र में
गलत या विरोधाभाशी
जानकारी न दें। |
|
^ TOP |
प्रस्ताव
का खुलना (अधिग्रहण के तहत नियम)
क्या करें |
 |
यह सुनिश्चित कर
लें कि सभी प्रतियोगी
के प्रस्ताव के
बारे में जानकारी
और प्रस्ताव को
स्वीकार के पहले
प्रस्ताव को संशोधित
कर लें। |
 |
राष्ट्रीय समाचार
और सेबी के वेबसाइट
पर प्रतियोगी प्रस्ताव
और प्रस्ताव के
संशोधन को देख
लें। |
 |
ध्यान रखें कि
प्रस्ताव वैधानिक
मंजूरी का विषय
है अगर कोई भी प्रस्ताव
पत्र में प्रस्तावित
हो। |
 |
यह देख लें कि ये
प्रस्ताव कंपनी
के बाजार से हटने
का परिणाम तो नहीं
है। |
 |
इक्विटी शेयर के
डिमेटेरलाइज होने
की स्थिति में प्रस्ताव के बन्द
होने के पहले सुनिश्चित
कर लें कि विशेष
डिपोजटरी खाते
में क्रेडिट प्राप्त
हो गया हो। |
 |
प्रस्ताव पत्र
में दस्तावेज के
जमा करने की तिथी
और वक्त को ध्यानपूर्वक
नोट कर लें। |
 |
निविदा को स्वीकार
करने के पहले प्रस्ताव
संशोधन के लिए
आखिरी तारीख तक
इन्तजार करें (जो
कि प्रस्ताव के
बन्द होने के 7 दिन
पहले तक होता है) |
 |
अगर आप शेयर की
निविदा से अपना
नाम वापस लेना
चाहते हैं तो निर्धारित
केन्द्रों में
प्रस्ताव के बन्द
होने के 3 दिन पहले
प्रस्ताव पत्र
के साथ वापसी फार्म
जमा करा दें। |
 |
स्विकार्य पत्र,
समझौता पत्र, डिपोजटरी
निर्देश और वापसी
फार्म पर हस्ताक्षर
को चेक कर लें औय
ये सुनिश्चित कर
लें कि कंपनी में
दर्ज हस्ताक्षर के तरह ही
हो। |
 |
प्रस्ताव दस्तावेज
के नहीं प्राप्त
होने कि स्थिती
में आप निविदा
या वापसी पत्र
के लिए आवेदन एक
सादे कागज में
जरूरी जानकारी
के साथ दे दें। |
क्या न करें |
 |
निविदा के प्रस्ताव
को स्वीकार करने
के अंतिम तारीख
का इन्तजार न करें। |
 |
खरीददार या फिर
स्थानांतरित करने
वाले की जानकारी
भेजे गये ट्रांसफर
डीड में न भरें। |
 |
अधुरा आवेदन और
अवैद्य दस्तावेज
न जमा कराएं। |
|
^ TOP |
सामूहिक
निवेश योजनाएं
क्या करें |
 |
यह सुनिश्चित कर
लें कि इकाई सेबी
के साथ पंजीकृत
हो। |
 |
योजना के प्रस्ताव
पत्र को ध्यानपूर्वक
पढ़ लें। |
 |
प्रोजेक्ट की व्यावहारिकता
को जांच लें। |
 |
प्रवर्तक की पृष्ठभूमि और
विशेषज्ञता को जांच परख लें। |
 |
इकाई के संपत्ति
के बाजार में टाइटल
की जांच कर लें। |
 |
सुनिश्चित कर लें
कि योजना के कार्यकलाप
के लिए कलेक्टिव
इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट
कंपनी के पास जरूरी
संसाधन है या नहीं। |
 |
योजना के क्रेडिट
रेटिंग और रेटिंगके
अवधी को जांच लें। |
 |
योजना के मूल्यांकन
की जांच कर लें
और मूल्यांकन
रिपोर्ट
को विस्तृत रूप
से पढ़ लें। |
 |
योजना के
मकसद को ध्यानपूर्वक
पढ़ लें। |
 |
पहले की योजनाओं
के प्रर्दशक और
वादे को जांच लें,
अगर प्रस्तावित
दस्तावेज में कोई
हो तो। |
 |
ये सुनिश्चित कर लें कि सीआईएमसी
हरेक
वित्तीय वर्ष के
समाप्त होने के 2 महीने पहले वार्षिक
रिपोर्ट
की एक कॉपी दे। |
 |
ध्यान रखें कि
सेबी निवेशकों
के पैसे के भुगतान
की किसी भी तरह
से जिम्मेदारी
नहीं लेता है। |
क्या न करें |
 |
वैसे किसी भी सीआईएस
इकाई में निवेश
ना करें जो सेबी
में पंजीकृत नहीं
हो। |
 |
सूचकांक रिटर्न
के आधार पर न जाएं। |
 |
बाजार की बातो
या प्रचार के आधार
पर निवेश न करें। |
|
|